चुनाव आयोग ने 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। दिल्ली में 8 फरवरी को वोटिंग होगी और 11 फरवरी को नतीजा आएगा। 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिली थीं। भाजपा ने 3 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। 2015 में चुनाव आयोग ने 12 जनवरी को दिल्ली चुनाव की घोषणा की थी, 7 फरवरी को मतदान हुआ था और 10 फरवरी को नतीजे आए थे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- सभी को शुभकामनाएं। लोगों ने आप में भरोसा जताया। ईश्वर बरकत दे।
2015 में आप ने 6 महिलाओं को टिकट दिया था। सभी जीती थीं। इस बार पार्टी ने आठ महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार जीतीं राखी बिड़ला, सरिता सिंह, प्रमिला टोकस, भावना गौड़ और बंदना कुमारी को फिर से टिकट दिया गया है। वहीं, आतिशि मार्लेना (कालकाजी), राजकुमारी ढिल्लों (हरि नगर) और धनवती चंदेला (राजौरी गार्डन) को पार्टी इस बार मौका दिया है। पिछले चुनाव में चांदनी चौक से जीतीं अलका लांबा पार्टी छोड़ चुकी हैं। उनकी सीट पर पार्टी ने प्रहलाद सिंह को टिकट दिया है।
मौजूदा विधायक ने कहा- 20 करोड़ रु. लेकर टिकट बेचा
आप के द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची में बदरपुर विधायक नारायण दत्त शर्मा का टिकट काट दिया गया। उनकी जगह राम सिंह नेताजी को टिकट दिया गया है। इस पर विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। शर्मा ने केजरीवाल और सिसोदिया पर एक भू माफिया से टिकट के बदले 20 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि पार्टी में भी विधायकों से पैसे मांगे जा रहे हैं